Hindi Shaayrun Kea Naam

Hindi Shaayri

Best Shayri For Mother

कल अपने आपको देखा था मां की आंखों में
यह आईना हमें बूढ़ा नहीं बताता है

ए अंधेरे देख ले तेरा मुंह काला हो गया
मां ने आंखें खोल दी तो घर में उजाला हो गया

किस तरह मेरे गुनाहों को धो देती है
मां बहुत गुस्से में हो तो रो देती है

बुलंदियों का बड़े से बड़ा निशान छुआ
उठाया गोद में माने तब आसमान छुआ

किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकान आई
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकान आई
मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आई

यह कैसा कर्ज है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता
मैं जब तक घर ना लोटो मेरी मां सजदों में रहती है

मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं
मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं

मुझको हर हाल में बचेगा उजाला अपना
चांद रिश्ते में नहीं लगता है मामा अपना
मैंने रोते हुए किसी दिन पूछे थे आंसू
मुद्दतों मां ने नहीं धोया दुपट्टा

मैंने कल शब्द चाहतों की सारी किताबें फाड़ दी फिर
एक कागज पर लिखा शब्द मां रहने दिया

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